आंगनबाड़ी भर्ती में घमासान: आवेदकों ने खोला मोर्चा, कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग…….”महिला एवं बाल विकास विभाग भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है” — गुलाब कमरो


एमसीबी/मनेंद्रगढ़

भखार न्यूज़ नेटवर्क: मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले में हाल ही में संपन्न हुई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका भर्ती प्रक्रिया अब विवादों के घेरे में आ गई है। भर्ती में कथित अनियमितताओं और पक्षपात के आरोपों को लेकर कई आवेदकों ने कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए शिकायत दर्ज कराई है।

 

आवेदकों का आरोप है कि अंतिम दावा-आपत्ति सूची जारी होने के बाद भी अधिक अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को नजरअंदाज कर कम अंक वाले उम्मीदवारों का चयन कर लिया गया। वहीं कुछ अभ्यर्थियों को जाति प्रमाण पत्र और गरीबी रेखा सूची के निर्धारित अंक नहीं दिए गए, जिससे चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

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आरती (चैनपुर), कुसुम कली (सिरौली), मीना सिंह (बुंदेली), सुमित्रा (सिरौली), रामवती (परसगढ़ी) एवं संजुबाई (शंकरगढ़) सहित कई आवेदकों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

 

आवेदकों ने अपनी शिकायत लेकर पूर्व विधायक Gulab Kamro से भी मुलाकात की। इस दौरान पूर्व विधायक ने भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि जिले का महिला एवं बाल विकास विभाग लगातार विवादों में रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि “महिला एवं बाल विकास विभाग भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से लेकर संविदा भर्ती और अब आंगनबाड़ी भर्ती तक, लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं।” पूर्व विधायक ने चेतावनी दी कि यदि जिला प्रशासन जल्द निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं करता है तो मामले को उच्च स्तर तक ले जाकर शिकायत की जाएगी।

अब सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कर भर्ती प्रक्रिया की सच्चाई सामने लाएगा, या फिर शिकायतें केवल फाइलों तक सीमित रह जाएंगी? फिलहाल पूरे जिले की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।


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