कोरिया/छत्तीसगढ़
भखार न्यूज नेटवर्क: कोरिया जिले में लगातार सामने आई तीन बड़ी घटनाओं और कानून-व्यवस्था को लेकर उठे सवालों के बीच राज्य सरकार ने कोरिया के पुलिस अधीक्षक (एसपी) का तबादला कर दिया है। इससे पहले सोनहत थाना प्रभारी का भी स्थानांतरण किया गया था। इन तबादलों ने जिले की राजनीति को गर्मा दिया है।

विपक्ष इसे जनता के बढ़ते दबाव और बिगड़ती कानून-व्यवस्था का परिणाम बता रहा है, जबकि प्रशासन इसे सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया बता रहा है।
पूर्व विधायक एवं सर्व आदिवासी समाज के संरक्षक गुलाब कमरो पिछले कई दिनों से प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन पर लगातार सवाल उठा रहे थे। उनका कहना है कि एक महीने के भीतर हुई तीन बड़ी घटनाओं ने जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कमरो ने नौगई में तीन लोगों को कार समेत जिंदा जलाने की घटना, सोनहत की महिला सरपंच को मिली जान से मारने की धमकी और बैकुंठपुर की 17 वर्षीय आदिवासी छात्रा पूजा पैकरा की आत्महत्या का उल्लेख करते हुए कहा कि कई मामलों में पुलिस को पहले से जानकारी होने के बावजूद समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

उन्होंने आईसी मार्ट प्रकरण का भी जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि दो बहनों पर चोरी का आरोप लगाकर कथित रूप से 50 हजार रुपये की मांग की गई, उनकी स्कूटी रोक ली गई और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। परिजनों का आरोप है कि इसी मानसिक प्रताड़ना से आहत होकर पूजा पैकरा ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। कमरो ने कहा कि नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी में हो रही देरी कई सवाल खड़े करती है और उन्होंने राजनीतिक संरक्षण का भी आरोप लगाया।
गुलाब कमरो ने कहा कि यदि प्रदेश में सुशासन है तो सभी नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जांच में यदि किसी प्रकार की अवैध गतिविधि या अनियमितता सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।
इधर, सर्व आदिवासी समाज ने भी छात्रा पूजा पैकरा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर कोरिया कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में संरक्षक गुलाब कमरो, जिला अध्यक्ष विजय सिंह, अशोक जायसवाल, जिला पंचायत सदस्य सुरेश सिंह सहित बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। समाज ने निष्पक्ष जांच, सभी नामजद आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
इस बीच कोरिया एसपी और सोनहत थाना प्रभारी के तबादले के बाद जिले में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। विपक्ष इसे जनता के आक्रोश और लगातार उठ रहे सवालों का असर बता रहा है, जबकि प्रशासन की ओर से तबादलों के कारणों पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।