भखार न्यूज नेटवर्क: मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के विकासखंड भरतपुर अंतर्गत बड़गांव कला संकुल के प्राथमिक शाला बसखोहर की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि एकल शिक्षकीय विद्यालय में पदस्थ शिक्षक अधिकांश समय अनुपस्थित रहते हैं, जिसके कारण स्कूल का संचालन भगवान भरोसे हो गया है। स्थिति यह है कि विद्यालय का ताला तक स्वीपर खोलता है, जबकि बच्चे बिना शिक्षक के घंटों स्कूल परिसर में बैठे रहते हैं।
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब मीडिया टीम विद्यालय पहुंची। निरीक्षण के दौरान शिक्षक विद्यालय में मौजूद नहीं मिले। ग्रामीणों ने बताया कि संबंधित शिक्षक सप्ताह में केवल एक-दो दिन ही स्कूल आते हैं, जबकि बाकी दिनों में बच्चे शिक्षक का इंतजार करते रहते हैं। नियमित पढ़ाई पूरी तरह बाधित होने से बच्चों के भविष्य पर संकट गहराता जा रहा है।
खाली कुर्सी, इंतजार करते बच्चे… स्कूल से गायब मिला शिक्षक,
ग्रामीणों ने शिक्षक पर एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे उनसे महुआ शराब मंगाने की बात करते हैं। हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है, लेकिन यदि जांच में यह सही पाया जाता है तो यह शिक्षा व्यवस्था और शिक्षक की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न खड़ा करेगा।
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में लंबे समय से शिक्षक की अनियमित उपस्थिति बनी हुई है, लेकिन इस संबंध में संकुल स्तर पर भी प्रभावी निगरानी नहीं हो रही है। बताया जा रहा है कि संबंधित संकुल प्राचार्य को भी शिक्षक की लगातार अनुपस्थिति की जानकारी नहीं थी, जिससे विभागीय मॉनिटरिंग व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, शिक्षक की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा यदि लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षक के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाए, ताकि मासूम बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो।