“करोड़ों खर्च के बावजूद जनकपुर अस्पताल बेहाल! अमानवीय व्यवहार के मामलों से घिरा अस्पताल, जिम्मेदार मौन— उपाध्यक्ष बोले, ‘स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं, सिर्फ रेफर सेंटर बनकर रह गया, जनकपुर अस्पताल.!


जनकपुर/छत्तीसगढ़

भखार न्यूज़ नेटवर्क: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जनकपुर की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर जनप्रतिनिधियों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। नगर पंचायत उपाध्यक्ष द्वारा किए गए निरीक्षण में अस्पताल की कई गंभीर खामियां उजागर हुई हैं, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कई जरूरी मेडिकल उपकरण बंद पाए गए। पल्स ऑक्सिमीटर, बीपी मशीन, शुगर जांच मशीन, ईसीजी मशीन समेत अन्य महत्वपूर्ण उपकरण लंबे समय से खराब पड़े हैं। वहीं डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को समय पर और समुचित उपचार नहीं मिल पा रहा है। इस स्थिति को लेकर नगर पंचायत उपाध्यक्ष ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य और जीवन के साथ सीधा खिलवाड़ है।

 

WhatsApp Group Join Now
Instagram Group Join Now

उन्होंने बताया कि अस्पताल की समस्याओं को लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) से चर्चा की गई है तथा अस्पताल की आवश्यकताओं की डिमांड शीट मांगी गई है, ताकि जल्द से जल्द नई मशीनें, दवाइयां और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें। साथ ही पूरे मामले से कलेक्टर एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी अवगत कराया जा रहा है।

 

निरीक्षण में अस्पताल की मूलभूत सुविधाओं की कमी भी सामने आई। डॉक्टरों और कर्मचारियों के लिए बने शौचालयों में पानी की व्यवस्था नहीं है। अस्पताल का वाटर कूलर और आरओ सिस्टम भी लंबे समय से बंद पड़ा हुआ है। कर्मचारियों को पीने का पानी अपने घरों से लाना पड़ रहा है। ऐसे में मरीजों और उनके परिजनों को होने वाली परेशानियों का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।

उपाध्यक्ष ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर यदि मरीजों को बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हो रही हैं तो यह गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी अधिकारी या कर्मचारी को निशाना बनाना नहीं, बल्कि अस्पताल की व्यवस्था को सुधारना और आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दिलाना है।

 

उन्होंने अस्पताल में जीवन रक्षक दवाइयों, आधुनिक मेडिकल उपकरणों और आपातकालीन उपचार सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की। उनका कहना है कि हार्ट अटैक जैसे गंभीर मामलों में प्राथमिक उपचार और थ्रोम्बोलाइसिस जैसी सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए ताकि मरीजों को अनावश्यक रूप से बाहर रेफर न करना पड़े।

 

उपाध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि जनकपुर अस्पताल की पहचान अब धीरे-धीरे एक “रेफर सेंटर” के रूप में बनती जा रही है। छोटी-छोटी बीमारियों और सामान्य उपचार के लिए भी मरीजों को बाहर भेजा जाता है, जिससे लोगों का अस्पताल पर भरोसा कमजोर हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति को बदलना होगा और अस्पताल को ऐसा केंद्र बनाना होगा जहां अधिकतम उपचार स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सके।

 

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार मरीजों और उनके परिजनों के साथ मानवीय व्यवहार तक नहीं किया जाता, जिससे उनकी परेशानियां और बढ़ जाती हैं। जनकपुर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों लोग इस अस्पताल पर निर्भर हैं, इसलिए अब केवल कागजी दावों से काम नहीं चलेगा। स्वास्थ्य विभाग को जमीनी स्तर पर ठोस सुधारात्मक कदम उठाने होंगे ताकि लोगों को उनके अधिकार के अनुसार बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।


Avatar

Phone: 919424248344 Email: contact.bhakarnews@gmail.com

Leave a Comment