जनकपुर/भरतपुर
भखार न्यूज नेटवर्क: भरतपुर विकासखंड में 108 एंबुलेंस सेवा की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया में वायरल जानकारी के मुताबिक, समय पर एंबुलेंस न मिलने से एक मरीज की मौत होने का आरोप लगाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि 26 अप्रैल को क्षेत्र में दो गंभीर मरीजों को समय पर एंबुलेंस सुविधा नहीं मिल पाई।

पहला मामला:
45 वर्षीय महिला आग से बुरी तरह झुलस गई थी। परिजनों ने शाम करीब 4 बजे 108 एंबुलेंस को कॉल किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। करीब 5 घंटे इंतजार के बाद, रात 8 बजे महिला को निजी वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जनकपुर पहुंचाया गया।
दूसरा मामला (गंभीर):
75 वर्षीय बुजुर्ग को सांस लेने में दिक्कत होने पर रात 11 बजे शहडोल रेफर किया गया, लेकिन समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। परिजनों का आरोप है कि देरी के चलते बुजुर्ग की मौत हो गई।

बड़ी लापरवाही का खुलासा:
सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र में संचालित 3 एंबुलेंस में से:
- 2 एंबुलेंस बिना ड्राइवर के खड़ी थी
- 1 एंबुलेंस पहले से बाहर गई हुई थी
आरोप है कि संबंधित अधिकारी के खराब व्यवहार के कारण कई ड्राइवर नौकरी छोड़ चुके हैं, जिससे यह स्थिति बनी।
जनता में आक्रोश:
स्थानीय लोगों ने इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही स्वास्थ्य मंत्री, क्षेत्रीय विधायक और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की गई है।
प्रशासन की चुप्पी:
अब तक इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।