MCB/जनकपुर:
भखार न्यूज नेटवर्क : डबल इंजन सरकार के दावों के बीच एमसीबी जिले का वन विभाग अब गंभीर सवालों के घेरे में है। जनकपुर स्थित काष्ठागार (डिपो) में ट्रांजिट पास (TP) रिकॉर्ड से छेड़छाड़ का बड़ा मामला सामने आया है, जिसने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सूत्रों के अनुसार, काष्ठागार में TP से जुड़े दस्तावेजों में भारी गड़बड़ी की गई। बताया जा रहा है कि जहां 150 नग की TP जारी की गई थी, वहीं वास्तविकता में उससे अधिक लकड़ी की अवैध निकासी हुई। जांच में 58 नग लकड़ी अतिरिक्त (जुड़ी) पाई गई।

इतना ही नहीं, रिकॉर्ड में हेरफेर कर 150 को 180 नग तक दिखाया गया—जो सीधे तौर पर सरकारी दस्तावेजों से छेड़छाड़ का मामला है।
हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर अनियमितता की अब तक तीन बार जांच हो चुकी है, और हर जांच में गड़बड़ी सामने आई। इसके बावजूद कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति होती दिख रही है।

DFO स्तर के अधिकारियों द्वारा दोषियों के निलंबन की बात जरूर कही जा रही है, लेकिन जमीनी हकीकत में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उल्टा, पूरे मामले को ट्रांसफर तक सीमित रखने की कोशिश की जा रही है, जिससे लीपापोती की आशंका और गहरी हो गई है।
वहीं, इस पूरे प्रकरण में अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध नजर आ रही है।
सवाल उठ रहे हैं कि क्या उच्च स्तर तक मिलीभगत के कारण दोषियों को बचाया जा रहा है? विभागीय सूत्र तो यहां तक कह रहे हैं कि मामले को ठंडे बस्ते में डालने की तैयारी चल रही है।
इतना ही नहीं, पहले गठित की गई 3 सदस्यीय जांच टीम भी अब संदेह के घेरे में है, जिससे जांच की निष्पक्षता पर भी सवाल उठने लगे हैं।
सबसे बड़ा सवाल:
- क्या सरकारी रिकॉर्ड में छेड़छाड़ करने की सजा सिर्फ ट्रांसफर है?
- कब होगी दोषियों पर सख्त कार्रवाई?
- क्या वन विभाग में चल रहे इस खेल पर लगेगी लगाम?