MCB/जनकपुर:
भखार न्यूज नेटवर्क: एमसीबी जिले के वन विभाग पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं जनकपुर स्थित काष्ठागार (डिपो) में सरकारी रिकॉर्ड (TP) से छेड़छाड़ का मामला सामने आने के बाद विभाग की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में आ गई है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, काष्ठागार में ट्रांजिट पास (TP) से जुड़े दस्तावेजों में गड़बड़ी की गई है, जो सीधे तौर पर नियमों की अनदेखी और संभावित घोटाले की ओर इशारा करता है। इस मामले के सामने आने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

सबसे हैरानी की बात यह है कि कार्रवाई के नाम पर केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं।
DFO स्तर के अधिकारियों द्वारा दोषियों को निलंबित करने की बात कही जा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर अभी तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है।
इस पूरे मामले में अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध नजर आ रही है।

यह आशंका जताई जा रही है कि कहीं न कहीं उच्च स्तर तक मिलीभगत हो सकती है, जिसके चलते दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है।
वहीं, विभागीय सूत्रों का कहना है कि मामले को ठंडे बस्ते में डालने की तैयारी चल रही है और कार्रवाई के नाम पर केवल ट्रांसफर जैसे कदम उठाकर लीपा-पोती की जा सकती है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी और क्या वन विभाग में चल रहे इस खेल पर लगाम लग पाएगी?
फिलहाल पूरा मामला जांच और कार्रवाई के इंतजार में है, लेकिन विभाग की चुप्पी कई बड़े सवाल खड़े कर रही है।