मनेंद्रगढ़/छत्तीसगढ़
भखार न्यूज नेटवर्क: मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में लगभग 21 लाख रुपये की सामग्री खरीदी और खर्च में अनियमितता का मामला अब बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दा बनता जा रहा है।
इस मामले में भरतपुर-सोनहत के पूर्व विधायक गुलाब कमरो द्वारा की गई शिकायत की जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी पर ठोस कार्रवाई नहीं होना कई सवाल खड़े कर रहा है।
जांच में क्या सामने आया?
जिला एम.सी.बी. के कलेक्टर कार्यालय (महिला एवं बाल विकास शाखा) द्वारा गठित जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि:
वित्तीय वर्ष 2024-25 में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में नियमों का उल्लंघन हुआ
सामग्री की खरीदी और खर्च में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं

तत्कालीन जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी शुभम बंसल के खिलाफ शिकायत सही पाई गई
रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की बजाय उन्हें जिला सूरजपुर में प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी के रूप में पदस्थ कर दिया गया है।
पूर्व विधायक ने उठाए तीखे सवाल
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए गुलाब कमरो ने कहा:
शिकायत के बाद कलेक्टर द्वारा जांच कराई गई
रिपोर्ट में आरोप सही पाए गए
कई माह पहले ही कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा गया
इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
मंत्री के आश्वासन पर भी घिरा मामला
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने मनेंद्रगढ़ प्रवास के दौरान इस मामले में कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन स्थिति इसके उलट दिखाई दे रही है।
गुलाब कमरो ने सवाल उठाया:
क्या मंत्री के बयान केवल औपचारिकता हैं?
आरोप सिद्ध होने के बाद भी अधिकारियों को संरक्षण क्यों दिया जा रहा है?
कार्रवाई का इंतजार, सिस्टम पर सवाल
कलेक्टर द्वारा जांच प्रतिवेदन संचालनालय और सचिवालय (महिला एवं बाल विकास विभाग, नवा रायपुर) को भेजे जाने के बावजूद:
अब तक कोई कार्रवाई नहीं
दोषियों पर कोई स्पष्ट निर्णय नहीं
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है—
क्या घोटाले के दोषियों पर कार्रवाई होगी या मामला फाइलों में ही दबकर रह जाएगा?