मनेंद्रगढ़/भरतपुर
भखार न्यूज़ नेटवर्क: भरतपुर विकासखंड के ग्राम चिडौला की रहने वाली प्रेमा बाई गोंड की बेबसी आखिरकार रंग लाती नजर आ रही है। भालू के हमले में गंभीर रूप से घायल होकर दिव्यांग हुई प्रेमा बाई लंबे समय से दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही थीं, लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते उन्हें राहत नहीं मिल पा रही थी। मगर इस बार सोशल मीडिया में उठी आवाज ने सिस्टम को झकझोर कर रख दिया।

पीड़िता की दर्दभरी कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो मामला कांग्रेस नेताओं और पूर्व विधायक गुलाब कमरो तक पहुंचा। जिला अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव द्वारा जानकारी दिए जाने के बाद पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने तत्काल मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से संपर्क साधा।
पूर्व विधायक के निर्देश पर ब्लॉक अध्यक्ष अंकुर प्रताप सिंह ने प्रेमा बाई से सीधे बातचीत कर पूरी स्थिति जानी। इसके बाद गुलाब कमरो ने स्वयं CMHO से चर्चा कर पीड़िता का दिव्यांग प्रमाण पत्र जल्द जारी कराने की मांग की और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।

सोशल मीडिया में मेडिकल बोर्ड की लापरवाही उजागर होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में भी हड़कंप मच गया। आनन-फानन में जिला मेडिकल बोर्ड ने अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी तय कर दी। अब 20 मई 2026 को सुबह 11 बजे मेडिकल बोर्ड की टीम ग्राम चिडौला पहुंचकर प्रेमा बाई का घर पर ही चिकित्सकीय परीक्षण करेगी और नियमानुसार दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया पूरी करेगी।
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि जब सोशल मीडिया जनता की आवाज बनता है, तो सुस्त पड़ा सिस्टम भी हरकत में आने को मजबूर हो जाता है। वर्षों से राहत का इंतजार कर रही प्रेमा बाई के चेहरे पर अब उम्मीद की नई किरण दिखाई देने लगी है।