आंगनबाड़ी कार्यकर्ता,, सहायिकाओं का दो दिवसीय कामबन्दी आन्दोलन तहसीलदार के माध्यम से प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन


भरतपुर/एमसीबी

भखार न्यूज नेटवर्क: छत्तीसगढ़ जुझारू आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका कल्याण संघ द्वारा अपनी मांगों को लेकर एमसीबी जिले के जनकपुर अटल चौक के पास दो दिवसीय धरना प्रदर्शन करते हुए आज दिनांक 27 फरवरी को जनकपुर नगर मे रैली व नारे बाजी करते हुए भरतपुर तहसीलदार के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, तथा राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े को ज्ञापन सौंपा गया।

यह ज्ञापन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं की बुनियादी सुविधाओं और न्यायपूर्ण वेतन की मांग को लेकर सौंपा गया है।

 

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संघ ने कहा कि देश में ICDS योजना को स्थापित हुए 50 वर्ष हो चुके हैं, और इस दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाओं को घर-घर पहुंचाने में आंगनबाड़ी बहनों की भूमिका अहम रही है।

संघ ने कहा कि वर्ष 2018 के बाद से मानदेय में कोई वृद्धि नहीं की गई है। वर्तमान में कार्यकर्ता को केवल ₹4,500 और सहायिका को ₹2,250 मासिक मानदेय दिया जा रहा है, जो “जीवन-यापन के लायक” नहीं है।

 

 संघ की प्रमुख मांगे:

शासकीय कर्मचारी का दर्जा शिक्षा कर्मियों की तर्ज पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं को भी शासकीय घोषित किया जाए।

न्यूनतम वेतन निर्धारण नियमितीकरण होने तक कार्यकर्ता को ₹26,000 और सहायिका को ₹22,100 मासिक वेतन दिया जाए, तथा प्रत्येक वर्ष ₹1,000 की बढ़ोतरी की जाए।

सामाजिक सुरक्षा — सेवानिवृत्ति या आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में ग्रेच्युटी, मासिक पेंशन और समूह बीमा की सुविधा प्रदान की जाए।

संघ ने कहा कि 26 और 27 फरवरी 2026 को छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में दो दिवसीय कामबंदी, धरना और रैली के माध्यम से यह ज्ञापन सौंपा गया है।

आंदोलनकारी कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


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