मनेन्द्रगढ़/छत्तीसगढ़
भखार न्यूज नेटवर्क: राज्य शासन एवं संचालनालय कृषि, छत्तीसगढ़ रायपुर द्वारा जारी निर्देशों के तहत जिले में जैव-उत्प्रेरक (Bio-Stimulant) के विक्रय एवं भंडारण पर सख्त निगरानी शुरू कर दी गई है। इसी क्रम में कलेक्टर, जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) के निर्देश पर उप संचालक कृषि द्वारा विकासखंड मनेन्द्रगढ़, भरतपुर एवं खड़गवां के लिए विशेष जांच दल का गठन किया गया है।
“कृषि विभाग का ताबड़तोड़ एक्शन: बायो-स्टिमुलेंट की दुकान पर छापा :

जांच दल द्वारा शुक्रवार, 26 दिसंबर 2025 को मनेन्द्रगढ़ स्थित एक कृषि सेवा केंद्र में निरीक्षण की कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई जिला स्तरीय उर्वरक निरीक्षक एवं नोडल अधिकारी श्री महेश पैंकरा (सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी) एवं उर्वरक निरीक्षक व सहायक नोडल अधिकारी श्री जितेन्द्र झा (कृषि विकास अधिकारी) द्वारा की गई।

निरीक्षण के दौरान मेसर्स राधिका कृषि सेवा केंद्र, प्रोपराइटर श्रीमती राधिका सिंह के प्रतिष्ठान में गंभीर अनियमितता पाई गई। जांच में सामने आया कि उपलब्ध BIO-STIMULANT (जैव-उत्प्रेरक) का विवरण अनिवार्य प्रारूप A-2 में दर्ज नहीं किया गया था, जो कि उर्वरक (नियंत्रण) आदेश-1985 एवं संचालनालय कृषि के निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन है।
अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 03 दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही प्रतिष्ठान में उपलब्ध 08 लीटर जैव-उत्प्रेरक स्टॉक को विक्रय से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि राज्य शासन द्वारा केवल अधिकृत एवं पंजीकृत जैव-उत्प्रेरकों के विक्रय की ही अनुमति है। नियमों के उल्लंघन पर आगे भी इसी प्रकार सख्त एवं सघन जांच अभियान जारी रहेगा।