एमसीबी/छत्तीसगढ़
भखार न्यूज नेटवर्क: दिनांक 29 अगस्त 2025 – हाईवे एवं शहरी सड़कों में आवारा मवेशियों के घूमने के कारण सड़कों पर जगह जगह लगातार सड़क पर दुर्घटना हो रही है जिसको देखते हुए प्रशासन द्वारा सख्ती से कड़े कदम उठाने जा रही है। ऐसे में शासन के निर्देशानुसार मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के निष्क्रिय गौठानों को गौधाम के रूप में परिवर्तित किया जाएगा। एवं मवेशियों को गौधामों में सुरक्षित रूप से रखने की व्यवस्था की जायेगी । ताकि मवेशी सड़कों पर इधर उधर न घूमें जिससे आमजनों को हादशो व दुर्घटना से बचाया जा सकता है। जहां शासन ने हाल में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं राष्ट्रीय राजमार्ग और प्रमुख मार्गों पर विचरण होने वाले मवेशियों को पास की ग्राम पंचायतों में बने गौधामों में रखा जाएगा । इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में समितियां गठित कर उनकी निगरानी सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं। ज्ञात हो कि दूध देना बंद करने के बाद कई पशुपालक अपने मवेशियों को खुला छोड़ देते हैं जिससे पशु सड़कों और कचरा स्थलों पर घूमते नजर आते हैं। इसके चलते मवेशी हाईवे सड़क पर आकर हादसों एवं दुर्घटना का कारण बनते हैं। कई बार वाहनों की ठोकर से मवेशी की मौत भी हो जाती है ऐसे में दुर्घटना के समय वाहन चालकों की भी जान से हाथ धोना पड़ता है। हाल में एक सड़क दुर्घटना से बाइक सवार की मौत हो चुकी है।
प्रति दिन 5 से 6 घायल मवेशी भी अस्पताल पहुंचते हैं। जहां स्थिति इतनी गंभीर है कि जिले के पशु चिकित्सालय में प्रतिदिन औसतन 5 से 6 घायल मवेशी इलाज के लिए लाए जाते हैं। पशु चिकित्सकों के अनुसार कई दिनों में यह संख्या 8 से 9 तक पहुंच जाती है। सड़क हादसों का बड़ा कारण सड़कों पर घूमते आवारा पशुओं के कारण होती हैं।
जिले के बंद पड़े सभी मॉडल गौठान होंगे पुनर्जीवित
अगर देखा जाए तो मौजूदा समय में जिले के एक भी गौठान सक्रिय नहीं हैं। सभी गौठान बंद उजड़े दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में शासन ने निष्क्रिय गौठानों को गौधाम में तब्दील करने का निर्णय लिया है, क्योंकि इनके पास पहले से ही स्थल और शेड मौजूद हैं। ऐसी गौठानो को गौधाम में परिवर्तित कर विकसित करके आवारा मवेशियों को रखने का सुरक्षित स्थल बनाया जाएगा।
कलेक्टर ने दी जानकारी कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डी. राहुल वेंकट ने बताया कि शासन से गौधाम संबंधी गाइडलाइन प्राप्त हो चुकी है। जिले में जल्द ही समितियों का गठन किया जाएगा। जहां गौधामों का संचालन का काम प्रारम्भ कर दिया जाएगा कलेक्टर का कहना है कि इस योजना में अगर सफलता मिली तो इससे सड़कों पर होने वाले दुर्घटना से भी निजात मिलेगी। जहां सड़क में घूम रहे मवेशियों की जान भी बचेगी। वहीं वाहन चालक भी सुनिश्चित रूप से सुरक्षित होंगे।