एमसीबी छत्तीसगढ़ :- जनकपुर में निर्माणाधीन पुल की हालत ने सरकारी सिस्टम की पोल खोल दी है। महज एक महीने के अंदर ही इस पुल में दरारें आना, निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। जहां निर्माण के समय ठेकेदार व विभागीय अधिकारी रहते हैं नदारद ,.? ऐसे में बिना बेस के हो रहा नाली निर्माण .?

बताया जा रहा है कि इस पुल के निर्माण में ठेकेदार और संबंधित इंजीनियर ने मिलीभगत कर घटिया सामग्री का उपयोग किया, जिसका नतीजा यह है कि अभी निर्माण पूरा भी नहीं हुआ और पुल में जगह-जगह फटने की दरारें दिखने लगी ऐसे में कितने दिन चलेगा पुल.?

घटिया निर्माण के संकेत:
- निर्माण के दौरान ही दीवारों में झुकाव दिखाई दिया था
- पहली बारिश में ही दरारें साफ नजर आने लगीं
- सीमेंट का लेयर उखड़ना और सरिए का खुलकर दिखना
- अब जब पुल में दरार आ गई, तब जिम्मेदार चुप्पी साधे हुए हैं।
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जनप्रतिनिधियों की चुप्पी सवालों के घेरे में
जनता यह जानना चाहती है कि जब जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा ऐसे निर्माणों में डुबाया जा रहा है, तब जनप्रतिनिधि, विधायक, और अफसर कहां हैं? क्या उनकी कोई जवाबदेही नहीं?

ऐसे गुणवत्ता विहीन व घटिया निर्माण कार्यों से वर्तमान में बैठी सरकार की छवि भी धूमिल होती नजर आ रही है।
जनता की मांग:
दोषी इंजीनियर और ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई हो
निर्माण की तकनीकी जांच करवाई जाए
जनप्रतिनिधियों को जवाबदेह बनाया जा
रिपोर्ट: भखार न्यूज़ छत्तीसगढ़