मनेंद्रगढ़ /छत्तीसगढ़
भखार न्यूज नेटवर्क : (एमसीबी)। महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती प्रक्रिया अब विवादों के घेरे में आ गई है। भर्ती में अनियमितताओं और नियमों की अनदेखी के आरोप लगाते हुए दो आवेदिकाओं ने कलेक्टर एमसीबी से निष्पक्ष जांच की मांग की है।

ग्राम पंचायत सिरौली की आवेदिका कुसुमकली ने आरोप लगाया है कि उन्होंने सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन किया था, लेकिन दावा-आपत्ति सूची में उनका नाम और अंकसूची तक दर्ज नहीं की गई वहीं आरती ने दावा किया है कि आवश्यक दस्तावेज जमा करने के बावजूद चयन सूची में उन्हें जाति संबंधी अंक शून्य दिए गए, जिससे चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मामले को और गंभीर बनाते हुए शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि भर्ती के लिए जारी विज्ञापन की वैधता एक वर्ष होती है, जबकि संबंधित चयन सूची लगभग दो वर्ष बाद जारी की गई। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया की वैधता और नियमों के पालन को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। पूर्व में भी महिला एवं बाल विकास विभाग की भर्तियों को लेकर शिकायतें सामने आ चुकी हैं। अब एक बार फिर भर्ती प्रक्रिया को लेकर विवाद गहराने से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या भर्ती प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी हुई? क्या पात्र अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हुआ? या फिर जांच में सब कुछ नियमों के अनुरूप पाए जाएगा?
फिलहाल दोनों शिकायतों के बाद मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन की जांच और आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला भर्ती प्रक्रिया में बड़ी लापरवाही या अनियमितता का उदाहरण बन सकता है।