मनेंद्रगढ़ /छत्तीसगढ़
23 सितम्बर 2025 को छत्तीसगढ़ कृषि स्नातक शासकीय कृषि अधिकारी संघ ने एक बार फिर सरकार को चेतावनी देते हुए संदेश दिया है। कि ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों एवं कृषि विकास अधिकारियों की वर्षों से लंबित समस्याओं एवं मांगों को लेकर संघ ने 9 सूत्रीय मांगों को लेकर एम सी बी कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए साफ कहा है कि अब धैर्य की सीमा समाप्त हो चुकी है।

यदि समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो अधिकारी आंदोलन की राह पर उतरने को मजबूर होंगे।
संघ की प्रमुख मांगें
ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को शासकीय सेवक घोषित कर संविलियन।
वेतनमान और भत्तों में सुधार, फिक्स TA भत्ता ₹2500 तक किया जाए।
विभागीय कार्यों के संचालन हेतु लैपटॉप, इंटरनेट और वाहन सुविधा प्रदान की जावे
DBT योजना और तकनीकी कार्यों के अनुपात में अतिरिक्त मानदेय।
लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को शीघ्र प्रारंभ करना।
कार्यभार व जिम्मेदारियों के अनुसार अतिरिक्त स्टाफ और संसाधन उपलब्ध कराना।

दीपक कुमार साहू का बयान
प्रांतीय कार्यालयीन सचिव दीपक कुमार साहू ने सरकार को सीधे चेताते हुए कहा कि
“ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों एवं कृषि विकास अधिकारियों की मांगें वर्षों से लंबित हैं। सरकार बार-बार आश्वासन देती रही, लेकिन जमीनी स्तर पर आज तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। अब वक्त आ गया है कि वादों के बजाय ठोस निर्णय लिए जाएँ। यदि हमारी जायज मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो हमें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।”

संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने समय रहते निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन की स्थिति बनेगी और इसका सीधा असर राज्य में चल रहे कृषि विकास कार्यों, योजनाओं और किसानों तक पहुँचने वाली सुविधाओं पर पड़ेगा।
सरकार से शीघ्र पहल की उम्मीद
संघ ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार कृषि स्नातक अधिकारियों की मांगों को गंभीरता से लेकर जल्द ही ठोस कदम उठाएगी, ताकि प्रदेश की कृषि व्यवस्था और विकास कार्य बाधित न हों। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष आशीष नामदेव, संरक्षक पी.एल. तिवारी, जिला उपाध्यक्ष हर्ष कुमार अहिरवार, संजय अमलेश, कोषाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, सचिव विकास चौरसिया, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष अरुंधति राज, ब्लॉक अध्यक्ष नफीस आलम, अमित सेन, दुर्गेश सिंह, रवि गुप्ता , नीरज जायसवाल इंद्रपाल वास्कले एवं बड़ी संख्या में विकासखंड मनेंद्रगढ़ , भरतपुर एवं खड़गवां से कृषि अधिकारी उपस्थित रहे ।