भखार न्यूज नेटवर्क: मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर एमसीबी जिले के भरतपुर विकासखंड के ग्राम जूइली से PM आवास में रोजगार सहायक के द्वारा भ्रष्टाचार और शासकीय PM आवास की राशि के गवन करने का एक बड़ा मामला सामने आया है
आपको बता दे की ग्राम जूइली में राष्ट्रपति दत्तक पुत्र के साथ-साथ कई लोगों के आवास का सपना आधा का अधूरा रह गया क्योंकि पीएम आवास को कागजों पर कार्य को पूर्ण दिखाया जबकि जमीनी हकीकत में कुछ और बयां कर रही है
रोजगार सहायक के द्वारा बैंक में किसी दूसरे व्यक्ति को खड़े कर राशि गवन का भी आरोप वही बैंक की कार्य प्रणाली पर भी बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं

जिसमें ग्राम जूइली में राष्ट्रपति दत्तक पुत्र कहे जाने वाले रामकृपाल बैगा/ देवलाल के PM आवास ( प्रधानमंत्री आवास) की राशि उक्त भ्रष्ट रोजगार सहायक रमाकांत यादव के द्वारा जूइली ग्राम के ही एक दूसरे व्यक्ति ( सुंदर यादव) को बैंक में खड़ा कर राशि गवन कर लिया, रामकृपाल बैगा/ देवलाल समेत कई ग्रामीण रोजगार सहायक रमाकांत यादव के ठगी का शिकार हो गए है जिसमें उनके PM आवास (प्रधानमंत्री आवास) की राशि गवन कर लिया
अनुविभागीय दंडाधिकारी एसडीएम भरतपुर को शिकायत करने के बाद भी 2 वर्ष तक कार्यवाही नहीं हुई क्यों..?

सर्वप्रथम दिनांक 10/8/ 2023 को अनुविभागीय दंडाधिकारी एसडीएम भरतपुर द्वारा जब 2 वर्ष तक कार्यवाही नहीं हुई तब पुनः 20/8/25 को एसडीएम एवं थाना प्रभारी को शिकायत की जिसमें उल्लेखित है कि रामकृपाल बैगा पिता देवलाल बैगा उम्र 63 वर्ष निवासी जुईली महुआरपारा थाना कोटाडोल जिला एम.सी.बी (छ.ग.) कहना है कि मेरा प्रधानमंत्री योजना के अतंर्गत आवास वर्ष 2019 में स्वीकृत हुआ था।

जिसका 25000/- रूपये मेरे खाता क्रमांक 33103871467 में दिनांक 22.01.2021 में आया था। उक्त रकम को गांव जुईली का सुन्दरलाल यादव पिता प्रभू यादव के द्वारा दिनांक 01.12.2022 को खाता से आहरण कर लिया है।
मेरे द्वारा बैंक से स्टेटमेंट निकलवाने व पता करने पर पता चला कि तुम्हारे आवास का 25000/-रूपये को जुईली का सुन्दरलाल यादव के द्वारा आहरण किया है। तो मेरे द्वारा सुन्दरलाल यादव से पूछा कि मेरे आवास का पैसा को तुम क्यों निकाले हो खाता मेरा है तुमको बैंक पैसा कैसे दे दिया तो सुन्दरलाल यादव ने बताया कि जुईली का रोजगार सहायक रमाकांत यादव के द्वारा बैंक विडावल फार्म भरकर मेरे को स्टेट बैंक जनकपुर में खड़ाकर मेरे से 25000/- रूपये को निकलवाया है। तथा रोजगार सहायक रमाकांत यादव के द्वारा 25000/- रूपये को ले लिया है। जिसके चलते मेरा आवास नही बन सका है।