रायपुर/छत्तीसगढ़
भखार न्यूज नेटवर्क: छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था इन दिनों बड़ी संकट में है। प्रदेश की मितानिन बहनों और 16 हज़ार स्वास्थ्य विभाग के NHM संविदा कर्मचारियों द्वारा अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी गई है, जिससे प्रदेश भर की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है
छत्तीसगढ़ ट्रेड यूनियन काउंसिल के प्रांताध्यक्ष एवं पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने कहा कि भाजपा सरकार अपने चुनावी वादों को पूरा करे |
मितानिन बहनों की 3 सूत्रीय मांग :
- चुनावी घोषणा पत्र 2023 में किए गए वादे के अनुसार मितानिन, मितानिन प्रशिक्षक, हेल्प डेस्क फैसिलिटेटर एवं ब्लॉक को ऑर्डिनेटर का NHM में संविलियन।
- वेतन क्षतिपूर्ति में 50 प्रतिशत की वृद्धि।
- 3 ठेका प्रथा समाप्त कर एनजीओ के माध्यम से कार्य कराने की व्यवस्था बंद करना
स्वास्थ्य विभाग के MHM संविदा कर्मियों की 10 सूत्रीय मांग :
- संविलियन एवं स्थायीकरण।
- पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना।
- ग्रेड-पे का निर्धारण।
- कार्य मूल्यांकन व्यवस्था में पारदर्शिता।
- लंबित 27% वेतन वृद्धि।
- नियमित भर्ती में सीटों का आरक्षण।
- अनुकंपा नियुक्ति।
- मेडिकल एवं अन्य अवकाश की सुविधा।
- स्थानांतरण नीति |
- न्यूनतम 10 लाख कैशलेस चिकित्सा बीमा।
पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने ये भी कहा कि मितानिन बहनों का संघर्ष वर्षों से चला आ रहा है। भाजपा ने 2023 विधानसभा चुनाव में उनके संविलियन और मानदेय वृद्धि का वादा किया था, लेकिन आज तक वादे पूरे नहीं हुए हैं। यह वादा खिलाफी है |
इन सभी गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर तत्काल समाधान की मांग की है।