जनकपुर/भरतपुर
(एमसीबी)। विकासखंड मुख्यालय जनकपुर में गुरुवार को कांग्रेस और छात्र संगठनों ने विभिन्न जन मुद्दों को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। एक ओर दिल्ली में पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया, वहीं दूसरी ओर जनकपुर के अंतरराज्यीय बस स्टैंड की बदहाल स्थिति के विरोध में कीचड़ में धान की रोपाई कर नगर पंचायत के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और छात्र संघ के सदस्यों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर जवाब देने के बजाय छात्रों पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

इसी दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जनकपुर अंतरराज्यीय बस स्टैंड की बदहाली का मुद्दा भी उठाया। लगातार बारिश के कारण बस स्टैंड परिसर कीचड़ से भर गया है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पंचायत को कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया।

नगर पंचायत की कार्यशैली के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने बस स्टैंड के कीचड़ में धान का रोपा लगाकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही बस स्टैंड की स्थिति नहीं सुधारी गई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
इस अवसर पर कांग्रेस पदाधिकारी रवि प्रताप सिंह, अंकुर प्रताप सिंह, संजीव गुप्ता, विनीत सिंह, मनोज राय, धर्मेंद्र शर्मा, गरीबा मौर्य सहित छात्र संघ के सदस्य एवं बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

भरतपुर ब्लॉक किसान कांग्रेस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में यह प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए किया गया। किसान कांग्रेस के नेताओं ने इसे छात्रों और लोकतंत्र की आवाज से जुड़ा मुद्दा बताते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन के अंत में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से जनहित के मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई करने तथा छात्रों से जुड़े मामलों में निष्पक्ष कदम उठाने की मांग की।