सूरजपुर/विश्रामपुर
भखार न्यूज़ नेटवर्क: सूरजपुर जिले के विश्रामपुर थाने के सामने चल रहा पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव का आमरण अनशन और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की क्रमिक भूख हड़ताल बुधवार को समाप्त हो गई। प्रशासन की ओर से एसडीएम शिवानी जायसवाल और एएसपी योगेश देवांगन धरनास्थल पहुंचे, जहां कांग्रेस नेताओं से चर्चा के बाद आंदोलन स्थगित कराने पर सहमति बनी।

कांग्रेस की मांगों के अनुरूप विश्रामपुर थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई और नरेंद्र जैन पर लगाए गए आर्म्स एक्ट की धाराओं को हटाने के आश्वासन के बाद प्रशासन ने नारियल पानी पिलाकर सिंहदेव और बैज का अनशन समाप्त कराया।
टीएस सिंहदेव ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि न्याय की लड़ाई में उनकी पहली मांग पूरी हुई है और संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। वहीं दीपक बैज ने कहा कि “आखिरकार सत्य और न्याय की जीत हुई है। पुलिस-प्रशासन ने कांग्रेस की मांगों को स्वीकार किया है।”
भूपेश बघेल भी पहुंचे थे धरने में
मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी आंदोलन में शामिल हुए थे। शिवनंदनपुर नगर पंचायत की सभा में उन्होंने पुलिस प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा था कि
कांग्रेस चूड़ी पहनकर नहीं बैठी है। थानेदार का नाम याद रखा जाएगा। सरकारें आती-जाती रहती हैं।
उन्होंने एसपी और आईजी को चेतावनी भरे अंदाज में कहा था कि मामला अब उनके संज्ञान में आ चुका है, इसलिए इसे सुधारा जाना चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
कांग्रेस के अनुसार शनिवार को भाजपा कार्यकर्ता मित्तल पांडेय और कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के बीच चुनावी मुद्दे को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद भाजपा नेताओं की शिकायत पर नरेंद्र जैन के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया।

कांग्रेस का आरोप है कि मामला राजनीतिक दबाव में दर्ज किया गया और पुलिस अब तक कथित कटार बरामद नहीं कर सकी है। इसी के विरोध में सोमवार से कांग्रेस ने आंदोलन शुरू किया था। मंगलवार को टीएस सिंहदेव आमरण अनशन पर बैठे, जबकि दीपक बैज भूख हड़ताल पर रहे।
दूसरे पक्ष पर भी दर्ज हुई FIR
आंदोलन के दौरान कांग्रेस की ओर से दूसरे पक्ष पर कार्रवाई की मांग भी उठाई गई थी। इसके बाद विश्रामपुर पुलिस ने नरेंद्र जैन की पत्नी मधु जैन की शिकायत पर दो आरोपियों के खिलाफ धारा 296 और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया है।
रातभर डटे रहे कांग्रेस नेता
धरनास्थल पर पूर्व विधायक गुलाब कमरो, पारस राजवाड़े, पूर्व मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता मौजूद रहे। वहीं रातभर एआईसीसी सदस्य आदितेश्वर सिंहदेव, जिलाध्यक्ष शशि सिंह और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता धरनास्थल पर डटे रहे।
बुधवार सुबह स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर टीएस सिंहदेव का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया था। लंबे मंथन और प्रशासनिक आश्वासन के बाद आखिरकार कांग्रेस ने आंदोलन स्थगित करने का फैसला लिया।