रायपुर/छत्तीसगढ़
भखार न्यूज नेटवर्क: अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर में एक ऐतिहासिक और भव्य श्रमिक महासम्मेलन का आयोजन किया गया। ट्रेड यूनियन काउंसिल छत्तीसगढ़ द्वारा मेकाहारा मेडिकल कॉलेज के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में 2000 से अधिक श्रमिकों, कर्मचारियों, किसानों और समाजसेवियों की अभूतपूर्व भागीदारी देखने को मिली।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हरिभूमि समूह के प्रधान संपादक हिमांशु द्विवेदी रहे, जबकि अध्यक्षता ज्योत्सना चरण दास महंत ने की। अतिथियों का पारंपरिक तरीके से पैर पखारकर और तिलक लगाकर स्वागत किया गया, जिससे आयोजन को विशेष गरिमा मिली।
ट्रेड यूनियन काउंसिल छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष गुलाब कमरों और प्रांतीय संयोजक डॉ. जे.पी. श्रीवास्तव ने बताया कि संगठन पिछले 46 वर्षों से इस महासम्मेलन का आयोजन करता आ रहा है, लेकिन राजधानी रायपुर में पहली बार इतने बड़े स्तर पर आयोजन हुआ, जो उम्मीदों से कहीं अधिक सफल रहा।

कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण पहाड़ी कोरबा जनजाति की शानदार भागीदारी रही। पारंपरिक वेशभूषा और तीर-कमान के साथ मंच पर उनकी उपस्थिति ने सांस्कृतिक विविधता और परंपरा की झलक पेश की।
मुख्य अतिथि हिमांशु द्विवेदी ने कहा कि आज के दौर में ऐसे आयोजन दुर्लभ हैं, जहां एक ही मंच पर श्रमिक, कर्मचारी, किसान और समाजसेवी एकत्रित होते हैं। उन्होंने कहा कि राजधानी का सबसे बड़ा सभागार भी छोटा पड़ जाना इस कार्यक्रम की सफलता का प्रमाण है और श्रमिकों के बीच उपस्थित होना उनके लिए गर्व की बात है

अध्यक्षीय संबोधन में सांसद ज्योत्सना महंत ने संगठन के निरंतर प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि गैर-राजनीतिक होते हुए भी यह संगठन वर्षों से श्रमिकों के हित में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है, जो बेहद सराहनीय है।
डॉ. जे.पी. श्रीवास्तव ने कहा कि श्रमिक किसी भी राष्ट्र की असली ताकत होते हैं और उनके परिश्रम से ही विकास की मजबूत नींव तैयार होती है। वहीं, गुलाब कमरों ने श्रमिक एकता को सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि इसी एकजुटता से समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है।

इस अवसर पर 11 श्रमिकों को “श्रम श्री”, 11 प्रतिभाओं को “सृजन श्री” और 8 संस्थाओं को “कला श्री” अलंकरण से सम्मानित किया गया। सभी सम्मानितों को प्रशस्ति पत्र, शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों का भी सम्मान किया गया। साथ ही आयोजन में अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे, जिनकी सक्रिय भागीदारी ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
कार्यक्रम का संचालन अनिल शुक्ला ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन कन्हैया अग्रवाल द्वारा किया गया।
यह महासम्मेलन श्रमिक एकता, सम्मान और अधिकारों की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल के रूप में सामने आया, जिसने समाज में एक नई सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया।