रोड–नाली निर्माण में ठेकेदार की मनमानी या विभागीय मिलीभगत…?
जनकपुर/छत्तीसगढ़
भखार न्यूज नेटवर्क : मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर जिले के जनकपुर नगर पंचायत में चल रहे रोड एवं नाली निर्माण कार्य ने PWD विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। निर्माण कार्य में भारी अनियमितताओं के आरोप लग रहे हैं, जहाँ ठेकेदार बिना डर–भय अपने मनमर्जी से काम करता नजर आ रहा है, वहीं जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं।

सबसे बड़ा सवाल जांच का विषय:
जनकपुर नगर पंचायत स्थित जय स्तंभ के बगल पार्क की दीवार को नई नाली निर्माण के नाम पर तोड़ दिया गया। लेकिन हैरानी की बात यह है कि नई नाली को अंततः पहले से बनी पुरानी नाली में ही जोड़ दिया गया।

जब नाली पुरानी में ही जोड़नी थी, तो पार्क की दीवार क्यों तोड़ी गई.? क्या यह सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का खुला खेल नहीं.?
और सबसे बड़ी विडंबना यह है कि निर्माण कार्य के पहले लगात राशि बोर्ड लगाया जाता है जिसमें
निर्माण कार्य की स्वीकृत राशि, ठेकेदार का नाम, मूल्यांकन अधिकारी का नाम, कार्य प्रारंभ करने की तथि एवं कार्य पूर्ण करने की तिथि दर्शाई जाती है लेकिन आज तक कोई सूचना पटल बोर्ड नहीं लगाया गया क्यों…?

PWD अधिकारी और SDO की चुप्पी संदिग्ध
मीडिया द्वारा संपर्क करने पर PWD इंजीनियर ने फोन तक उठाना सही नहीं समझा, जिससे यह संदेह और गहरा गया है कि कहीं अधिकारियों की ठेकेदार से मिलीभगत तो नहीं..?
मुख्य सड़क निर्माण में भी घोर अनियमितता PWD विभाग की देखरेख में करोड़ों रुपये की लागत से निर्माणाधीन जनकपुर की मुख्य सड़क (हनुमान मंदिर से पुराने बस स्टैंड तक) में WMM की अंतिम परत पेवर मशीन से बिछाने का स्पष्ट प्रावधान है।

लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि पेवर मशीन का उपयोग नहीं किया जा रहा, जो सीधे तौर पर घटिया निर्माण और गुणवत्ता से समझौते की ओर इशारा करता है।
घटिया निर्माण से सड़क की उम्र और मजबूती पर गंभीर असर पड़ना तय है। अब जनता पूछ रही है सवाल….
क्या PWD विभाग ठेकेदार को खुली छूट दे रहा है?
क्या करोड़ों की लागत से हो रहे कार्य में भ्रष्टाचार की गूंज है?
क्या इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच होगी?