ग्राम रांपा निवासी ज्ञानचंद यादव के प्रधानमंत्री आवास की रकम का भी किया गबन
भखार न्यूज नेटवर्क: मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर विकासखंड क्षेत्र के ग्राम रांपा में रोजगार सहायक रमाकांत यादव के द्वारा PM (प्रधानमंत्री आवास) की राशि गवन करने का एक और मामला आया सामने
आपको बता दें कि मिली जानकारी के अनुसार उक्त भ्रष्ट रोजगार सहायक की पकड़ संबंधित प्रशासन में अच्छी है और वह इसका ही फायदा उठाकर भोले भाले ग्रामीणों के राशि का गबन कर मालामाल बन गया है वह सांठ गांठ करके अतिरिक्त कई ग्राम पंचायत का कार्य देखता है।
जूइली पंचायत में बैगा जनजाति के रूपयों का गबन किया ही वही रमाकांत यादव के द्वारा रांपा निवासी ज्ञानचंद यादव की दादी के नाम से स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास का रकम भी गबन कर लिया गया है विदित हो कि ज्ञानचंद की दादी का रुपया गड़प करने के लिए सुमरिया की मृत्यु उपरांत रमाकांत द्वारा अपनी माता के नाम का खाता खोलकर उसमें राशि डलवाकर गबन कर लिया।
ज्ञानचंद यादव ने दिनांक 18/8/25 को सीईओ जनपद पंचायत भरतपुर को शिकायत आवेदन प्रस्तुत किया है जिसमें उल्लेखित है कि-ज्ञानचन्द्र पिता राजाराम यादव निवासी ग्राम रॉपा (पारा सनोहर) तहसील कोटाडोल जिला एम०सी०बी० छ०ग० का निवासी हूँ मुझ प्रार्थी के दादी स्व० सुमरिया पति बुध्दू यादव के नाम से प्रधानमंत्री अवास वर्ष 2016-17 मे स्वीकृत हुआ
मेरे दादी का मृत्यु करीब वर्ष 2019-20 में हो गया था। जिसमे से आवास स्वीकृती के पैसा आज पर्यन्त तक नही मिला है। और न ही अवास निर्माण किया गया है। ग्राम के रोजगार सहायक रमांकात यादव पिता रामप्रसाद यादव के द्वारा अपने माँ के नाम से उस अवास को निर्माण करा लिया है। और प्रार्थीया सुमरिया के जगह पर किसी अन्य को खडे कराकर फोटो खीचकर आनलाईन कर दिया है। और किसी अन्य मकान का भी आनलाईन किया है जिसका मालिक चन्द्रभान कवँर है।
जबकि उस अवास को चन्द्रभान अपने स्वयं के पैसे से निर्माण कराया था, जिसे जबरन प्रधानमंत्री अवास बना दिया गया है। रोजगार सहायक के द्वारा अपने माँ के खाते में पैसा डलवाकर आहरण कर लिया गया है। सुमरिया के नाम से स्वीकृत आवास को अब प्रार्थीयो को नही चाहिए शासन अपने तरीके से वसूली करा कर किसी अन्य को आवास दे दिया जाए इसमे प्रार्थीयो को कोई आपत्ति नहीं है।
तथा इस फर्जी बाडा को और बढ़ावा न मिले इसलिए रोजगार सहायक के विरूध्द उचित कार्यवाही किया जाना न्याय हित मे होगा।क्योकि रोजगार सहायक द्वारा मनरेगा में भी फर्जीवाडा किया है जिस जिस व्यक्ति को खडा कर पैसा आहरण किया है सभी बता रहे है कि हमे धोखे मे रखकर पैसा निकलवाया गया है
ग्राम जुईली मे जितने आवास स्वीकृत हुए है सभी की जांच सही तरीके से कराई जाए बैक से दूसरे व्यक्तिकाराशि आहरण होना बैंक की संलिप्तता एवं संदेह के घेरे में आती हैं एवं बैंक की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि खाताधारक की जगह दूसरे व्यक्ति को खड़ा कर कैसे पैसे निकाले गए .? ऐसा कृत्य होने से लोगो का बैंक पर से भरोसा उठ जाएगा। उच्चधिकारियो काध्यानाकर्षित करते हुए उच्च स्तरीय जांच कराई जाए एवं दोषियो पर कडी कार्यवाही कीजाए ताकि ऐसा कृत्य की पुनरावृति ना हो एवं शासन की योजना का लाभ हितग्राहियों को प्राप्त हो