मनेंद्रगढ़/एमसीबी
भखार न्यूज नेटवर्क: छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस और उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 17 सितंबर से ‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत की गई है। इसी अभियान के तहत 17 सितंबर की शाम ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी प्रदेशवासियों से इस अभियान में जनभागीदारी की अपील की है।
इसी अभियान को लेकर पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। कमरो ने अभियान को लेकर सवाल उठाते हुए कहा—“बातों में उजाला, जमीन पर अंधेरा! दीपक की रोशनी में साय सरकार की नाकामी ही दिखाई देगी।”
कमरो का आरोप है कि सरकार दीपक जलाने और अभियान के प्रचार पर जोर दे रही है, जबकि प्रदेश की जनता शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बिजली समेत कई बुनियादी समस्याओं से जूझ रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सवाल हैं तथा युवा बेरोजगारी की समस्या से परेशान हैं। स्मार्ट मीटर को लेकर भी उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बिजली उपभोक्ताओं के बीच इसे लेकर कई सवाल और शिकायतें हैं।
पूर्व विधायक ने हसदेव, तमनार, बस्तर और तारा क्षेत्र के जंगलों से जुड़े पर्यावरणीय मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार को प्रचार के दीये जलाने से पहले छत्तीसगढ़ के जल, जंगल, जमीन और आम जनता के जीवन से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
शासकीय कर्मचारियों को अभियान में लगाने पर सवाल
गुलाब कमरो ने दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम को लेकर पंचायत एवं अन्य विभागों के शासकीय कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि कर्मचारियों को ऐसे आयोजनों में लगाने के बजाय उनके मूल विभागीय कार्यों और जनता से जुड़े जरूरी कामों में लगाया जाना चाहिए।
उन्होंने पंचायतों में रोजगार और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय विकास के अवसरों को लेकर भी सरकार से सवाल किए। कमरो के मुताबिक गांवों में रोजगार, सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे मुद्दे प्राथमिकता में होने चाहिए।
‘पंचायतों में रोजगार नहीं, सरकार अभियान में व्यस्त’
कमरो ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायतों के माध्यम से लोगों को रोजगार और विकास के अवसर उपलब्ध कराने की जरूरत है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब गांवों में रोजगार और स्थानीय विकास से जुड़े कई मुद्दे मौजूद हैं, तो सरकार का ध्यान इन समस्याओं के समाधान के बजाय दीपक जलाने के आयोजन पर क्यों है?
उन्होंने दावा किया कि जनता के जीवन से जुड़े बुनियादी सवालों पर ठोस काम दिखाई देना चाहिए।
विश्व आदिवासी दिवस को लेकर भी उठाया सवाल
पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने विश्व आदिवासी दिवस को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि “आदिवासी मुख्यमंत्री होते हुए विश्व आदिवासी दिवस पर पूरे प्रदेश में एक भी शासकीय कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया और न ही किसी प्रकार की बधाई देना उचित समझा गया।”
‘Gen-Z के प्रदर्शनों से सरकार बैकफुट पर?’ — कमरो
कमरो ने हालिया Gen-Z प्रदर्शनों का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि क्या युवाओं के मुद्दों और प्रदर्शनों के कारण सरकार दबाव में है और क्या जनता का ध्यान वास्तविक मुद्दों से हटाने के लिए ऐसे अभियान चलाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि युवा अपने मुद्दों को लेकर आवाज उठा रहे हैं और ऐसे समय में सरकार को जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए।
हालांकि, Gen-Z प्रदर्शनों और सेवा संकल्प अभियान के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध का स्वतंत्र प्रमाण इस बयान में प्रस्तुत नहीं किया गया है, इसलिए यह कमरो द्वारा उठाया गया राजनीतिक सवाल ही है।
‘पूंजीपतियों की दलाली और जनविरोधी नीतियां बर्दाश्त नहीं’
गुलाब कमरो ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “पूंजीपतियों की दलाली और जनविरोधी नीतियां अब बर्दाश्त नहीं होंगी।”
उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि सरकार को प्रचार और आयोजनों से आगे बढ़कर प्रदेश के जल-जंगल-जमीन, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बिजली और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर ठोस कदम उठाने चाहिए।
कमरो ने कहा कि दीपक जलाने से प्रतीकात्मक उजाला जरूर होगा, लेकिन जनता के जीवन में वास्तविक उजाला तभी आएगा जब बेरोजगार युवाओं को रोजगार, ग्रामीणों को काम, बच्चों को बेहतर शिक्षा, मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और आम बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिले।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में सेवा का संकल्प लेना चाहती है तो उसे सबसे पहले जनता की समस्याओं के समाधान का संकल्प लेना चाहिए।