पूर्व विधायक गुलाब कमरों हुए हाउस अरेस्ट
मनेंद्रगढ़। जिले में प्रशासनिक दमन और सत्ता पक्ष के खुले पक्षपात की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं। कांग्रेस द्वारा काला झंडा दिखाकर विरोध की तैयारी मात्र से सरकार इतनी बौखला गई कि पूरे जिले में कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारियों का सिलसिला शुरू कर दिया गया।
भाजपा कार्यालय: आदिवासी भूमि पर कब्ज़ा—विरोध करने वालों की गिरफ्तारी!
आदिवासी भाइयों की काबिज भूमि पर भाजपा कार्यालय निर्माण को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इसी विवादित जमीन पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री किरण सिंह देव के भूमि पूजन कार्यक्रम को लेकर प्रशासन अचानक बेहद सक्रिय हो गया।
इधर कांग्रेस कार्यालय हेतु भूमि आवंटन की फाइल मनेंद्रगढ़ तहसीलदार श्रुति धुर्वे ने 4 महीने तक दबाई रखी। बाद में गलत गणना कर ऑफिस की जमीन की कीमत 50 लाख से अधिक दिखाते हुए कांग्रेस को कार्यालय से वंचित करने की कोशिश की गई—यह प्रशासनिक दोहरे व्यवहार का स्पष्ट उदाहरण है।
विपक्ष की आवाज दबाने पुलिस की व्यापक कार्रवाई

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन की तैयारी की, लेकिन प्रशासन ने इससे पहले ही कार्रवाई शुरू कर दी। जिलेभर में पुलिस ने कांग्रेसजनों के घरों में दबिश दी और नेताओं को गिरफ्तार किया।
पूर्व विधायक गुलाब कमरों को घर में ही नज़रबंद किया गया।
जिला कांग्रेस प्रवक्ता सौरव मिश्रा, जिला अध्यक्ष क़ासिम अंसारी, सोशल मीडिया प्रभारी भावेश जैन को उनके घर से उठाकर थाने ले जाया गया।

कार्यक्रम स्थल के आसपास से पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राजकुमार केसरवानी, युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष हाफिज मेमन, युवा कांग्रेस भरतपुर–सोनहत अध्यक्ष मोती सिंह, विधानसभा अध्यक्ष मनोज शर्मा, पार्षद स्वप्निल सिन्हा, रवि जैन, करण रजक, लखन सिन्हा, मान सिंह, दिलीप सहित अनेक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
चिरमिरी में भी ताबड़तोड़ गिरफ्तारियाँ
युवा कांग्रेस महासचिव व पार्षद राहुल पटेल, पूर्व पार्षद शिवांश जैन, युवा कांग्रेस पूर्व जिला महासचिव सदाशिव बारीक, विधानसभा महासचिव प्रिंस शाही, उपाध्यक्ष अशरफ अली, जितेंद्र साव, राहुल मालिक, परवेज खान, विश्वदीप दास गुप्ता, दिनेश राही, संजय सिरदार, अभय कुमार, विक्रम सिंह चौहान समेत अनेक कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।
खोंगापानी में भी गिरफ्तारी अभियान
राम यादव, राजा पांडे, जगदीश मधुकर, पिंटू भास्कर, गोल्डी, सागर तिवारी, मनोज साहू, अमित राणा दास सहित कई कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर थाने ले जाया।
जिलेभर में कार्यक्रम स्थल पहुँचने से पहले ही सैकड़ों कार्यकर्ताओं को उठाया जाना—लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है।

कांग्रेस का पलटवार: आदिवासियों पर अन्याय बर्दाश्त नहीं
कांग्रेस जिला अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने कहा कि—
“आदिवासी जमीन पर कब्ज़ा करने वालों को संरक्षण और विरोध करने वालों पर दमन—यह भाजपा सरकार की पहचान बन चुकी है। कांग्रेस डरने या झुकने वाली नहीं।”
पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने भी स्पष्ट चेतावनी दी—
“आदिवासियों के साथ अन्याय किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसकी लड़ाई हर मंच पर लड़ी जाएगी।”