स्मार्ट मीटर या जनता की जेब पर डाका? बढ़े बिजली बिल और अधिक खपत की शिकायतों पर नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने CM साय को लिखा पत्र


रायपुर/छत्तीसगढ़

भखार न्यूज नेटवर्क: छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर को लेकर बढ़ती शिकायतों के बीच विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखा है। उन्होंने स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली खपत और बिलों में अचानक बढ़ोतरी की शिकायतों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।

स्मार्ट मीटर या जनता की जेब पर डाका? बढ़े बिजली बिल और अधिक खपत की शिकायतों पर नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने CM साय को लिखा पत्र

 

डॉ. महंत ने पत्र में कहा कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों और नगरीय निकायों में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल में अप्रत्याशित बढ़ोतरी की शिकायतें सामने आ रही हैं।

 

WhatsApp Group Join Now
Instagram Group Join Now

टेस्ट मीटर में भी सामने आया ज्यादा खपत का मामला

 

नेता प्रतिपक्ष ने अपने पत्र के साथ कोरिया जिले के विद्युत विभाग के कनिष्ठ अभियंता के पत्र की छायाप्रति भी संलग्न की है। इसमें कोरिया निवासी भावना गुप्ता द्वारा बढ़े हुए बिजली बिल की शिकायत और टेस्ट मीटर लगाने का अनुरोध किए जाने का उल्लेख है। शिकायत के बाद विभाग ने टेस्ट मीटर लगाया। पत्र के अनुसार, समान समयावधि में स्मार्ट मीटर और टेस्ट मीटर की खपत की तुलना की गई, जिसमें स्मार्ट मीटर की खपत टेस्ट मीटर से अधिक पाई गई।

डॉ. महंत ने इस मामले को स्मार्ट मीटरों की कार्यप्रणाली की जांच की जरूरत के उदाहरण के तौर पर मुख्यमंत्री के सामने रखा है।

 

तकनीकी खामी और सॉफ्टवेयर गड़बड़ी की आशंका

 

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कई उपभोक्ताओं द्वारा पुराने इलेक्ट्रॉनिक मीटरों की तुलना में स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली खपत कई गुना बढ़ने की शिकायत की जा रही है। कुछ उपभोक्ताओं का दावा है कि घर के प्रमुख बिजली उपकरण बंद होने के बावजूद मीटर की रीडिंग बढ़ रही है। इन शिकायतों के आधार पर डॉ. महंत ने स्मार्ट मीटरों में तकनीकी खामी या सॉफ्टवेयर संबंधी गड़बड़ी की आशंका जताई है।

 

स्मार्ट मीटरों की उच्चस्तरीय जांच की मांग

डॉ. चरणदास महंत ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जिन उपभोक्ताओं की अत्यधिक बिजली खपत की शिकायतें प्रमाणित होती हैं, उनके स्मार्ट मीटर तत्काल बदले जाएं।

 

इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों की खरीद, प्रोग्रामिंग, हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की गुणवत्ता एवं सत्यता की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने इसके लिए विशेषज्ञ समिति या अधिकृत प्रयोगशाला से परीक्षण कराने की बात कही है।

 

डॉ. महंत ने कहा कि बढ़ती महंगाई और बिजली खर्च के बीच यदि स्मार्ट मीटरों से संबंधित शिकायतों का समाधान नहीं हुआ, तो इसका सीधा आर्थिक बोझ आम उपभोक्ताओं, खासकर मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों पर पड़ सकता है। उन्होंने शिकायतों का निष्पक्ष परीक्षण कराकर प्रभावित उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की है।


Avatar

Phone: 919424248344 Email: contact.bhakarnews@gmail.com

Leave a Comment