एमसीबी/भरतपुर
भखार न्यूज नेटवर्क: ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति/भवन कर वसूली को लेकर उठे विरोध के बीच अब बड़ा अपडेट सामने आया है। पूर्व विधायक गुलाब कमरो द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से इस मुद्दे का पुरजोर विरोध किए जाने के बाद जनपद पंचायत भरतपुर ने संबंधित आदेश को निरस्त कर दिया है। इसे गुलाब कमरो ने “जनता की जीत” बताया है।

दरअसल, जिला पंचायत स्तर से ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति कर की शत-प्रतिशत वसूली को लेकर निर्देश जारी किए जाने की बात सामने आई थी। इसी मुद्दे को लेकर पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए ग्रामीणों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने का विरोध किया था।
₹1200 सालाना भवन कर की चर्चा से गरमा गया था मामला
मामले को लेकर सामने आई जानकारी के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में भवन/मकान कर के रूप में ₹1200 वार्षिक यानी करीब ₹100 प्रतिमाह वसूली किए जाने की चर्चा थी। इसके साथ ही समय पर वसूली नहीं होने की स्थिति में पंचायत सचिवों पर कार्रवाई की बात सामने आने से विवाद और बढ़ गया था।
पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने इस व्यवस्था का विरोध करते हुए कहा था कि महंगाई और बढ़े हुए बिजली बिल के बीच ग्रामीण गरीब, किसान और मजदूर परिवारों पर नया कर थोपना उचित नहीं है।
उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार इस मुद्दे को उठाया और जिला पंचायत द्वारा पंचायत सचिवों पर बनाए जा रहे दबाव पर भी आपत्ति जताई।
विरोध के बाद आदेश निरस्त, गुलाब कमरो बोले— जनता की जीत
अब जनपद पंचायत भरतपुर द्वारा संबंधित आदेश को निरस्त किए जाने के बाद गुलाब कमरो ने इसे जनता की जीत बताया है।
उन्होंने कहा कि उनके द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से जिला पंचायत के “शत प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति कर वसूली” के आदेश का पुरजोर विरोध किया गया था। जनता के दबाव के बाद जनपद पंचायत भरतपुर ने अपना आदेश निरस्त कर दिया।
गुलाब कमरो ने कहा कि—
“महंगाई और बढ़े हुए बिजली बिल के बाद नया कर का बोझ गांव के गरीब, किसान और मजदूर पर नहीं पड़ने देंगे। यह जीत हर उस साथी की है जिसने आवाज उठाई। संघर्ष जारी रहेगा।”
अब सवाल—क्या ग्रामीणों पर प्रस्तावित अतिरिक्त बोझ से मिली राहत?
आदेश निरस्त होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में इस मुद्दे को लेकर चल रही चर्चाओं पर फिलहाल विराम लगता नजर आ रहा है। हालांकि, संपत्ति कर की वास्तविक व्यवस्था, उसकी दर और भविष्य में इसकी वसूली को लेकर प्रशासन की ओर से क्या स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी होते हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
फिलहाल “खबर का असर” के तौर पर सामने आए इस घटनाक्रम को लेकर पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने इसे जनता की आवाज की जीत बताया है।